जानें उंगलियों में छुपे राज, चुटकियों में दूर होगा दर्द

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जानें उंगलियों में छुपे राज, चुटकियों में दूर होगा दर्द
उंगलियों में छुपे जादुई राज को जानकर चुटकियों में दूर करेें दर्द।

Know the Magic In Fingers : उंगलियों में छुपे राज को जानें। इससे चुटकियों में आपका दर्द दूर हो जाएगा। इससे बीमारियों को भी दूर कर सकते हैं। यह ईश्वर का हमें वरदान है। यह आध्यात्मिक चेतना जगाने में भी प्रभावी है। ईश्वर ने मानव को उसकी कमान भी उसके हाथ में दी है। स्वास्थ्य से लेकर भाग्य निर्माण तक सब हाथ में है। उस पर बाद में जानकारी दूंगा। फिलहाल सिर्फ उंगलियों से जुड़े स्वास्थ्य की बात।

उंगलियों में छुपे राज, कैसे रहें स्वस्थ

हाथों की उंगलियों में स्वास्थ्य के कई रहस्य छुपे हैं। उनमें शरीर के भी कई राज छुपे हैं। ऋषियों ने सदियों पहले यह खोज कर ली थी। अब वैज्ञानिक भी स्वीकार करने लगे हैं। कई बड़े अस्पतालों में इसका प्रयोग सफल हो रहा है। इसकी जानकारी से लोग खुद कई तकलीफ दूर कर सकते हैं।

अलग-अलग अंगों से जुड़ी हैं उंगलियां

हाथ की सभी उंगलियां अलग-अलग अंगों से जुड़ी हैं। उन पर दबाव, रगड़, खिंचाव और मालिश का असर संबंधित अंग पर पड़ता है। दर्द दूर करने में यह जादुई असर डालता है। खराब मूड, चिंता और डर में भी यह अत्यंत कारगर है। इससे माइग्रेन व दिल की धड़कनें नियंत्रित कर सकते हैं। इसके लिए किसी की मदद की जरूरत नहीं है।

दिल से जुड़ा है अंगूठा

अंगूठे का संबंध सीधे दिल से होता है। यदि दिल की धड़कनें तेज हैं। घबराहट महसूस हो रही है। परेशान न हों और न डरें। खुद बारी-बारी से दोनों अंगूठे को दबाएं और मालिश करें। थोड़ी-थोड़ी देर पर अंगूठे को हल्का सा खींचें। शीघ्र दिल की धड़कनें सामान्य होने लगेंगी। घबराहट दूर हो जाएगी। दस मिनट में काफी आराम महसूस करेंगे।

तर्जनी का संबंध पेट से

तर्जनी उंगली का संबंध पेट से है। उससे संबंधित समस्या में इस उंगली का मसाज उपयोगी होता है। पेट दर्द में राहत मिलती है। आंतों की समस्या दूर होती है। दोनों हाथों की उंगलियों में मसाज जरूर करें। नियमित प्रयोग पेट की गंभीर बीमारियां दूर होती हैं। इसके लिए कम से कम दो माह अभ्यास करना होगा।

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मध्यमा का संबंध नसों और खून के प्रवाह से

हाथ के बीच की उंगली मध्यमा कहलाती है। इसका संबंध नसों व खून के प्रवाह से है। नसों व खून से संबंधित समस्या में इसकी मालिश करें। जी घबराने व चक्कर आने में भी उपयोगी है। इससे तत्काल फायदा होता है। इसके नियमित प्रयोग से मानसिक ताकत बढ़ती है। खून का प्रवाह भी नियमित होता है।

मनोदशा से जुड़ी है अनामिका

मध्यमा के बाद वाली तीसरी उंगली अनामिका है। यह हमारे मनोदशा से जुड़ी है। मन अशांत हो तो चिंता नहीं करें। अनामिका की मालिश करें। उसे हल्के हाथ से बीच-बीच में खींचें। शीघ्र ही मन शांत होने लगेगा। थोड़ी देर में मन प्रफुल्लित हो उठेगा। यह प्रयोग अवसाद (डिप्रेशन) दूर करने में लाभकारी है। ऐसे लोगों को इसे नियमित रूप से करना चाहिए।

कनिष्ठा का संबंध सिर व किडनी से

हाथ की सबसे छोटी उंगली कनिष्ठा कहलाती है। इसका संबंध सिर और किडनी से है। सिर में दर्द व किडनी समस्या दूर करने में उपयोगी है। सिर दर्द में कनिष्ठा की मालिश से शीघ्र फायदा होता है। साथ ही उंगली को थोड़ा खींचें और रगड़ें भी। नियमित अभ्यास माइग्रेन से छुटकारा दिलाता है। यह किडनी को भी निरोग रखता है।

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